
वेनेजुएला पर अमेरिकी सेना के बड़े सैन्य हमले के बाद राजधानी काराकास और आसपास के शहरों में हालात बेहद भयावह बने हुए हैं। शनिवार तड़के हुए हवाई हमलों में जहां राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेकर अमेरिका ले जाया गया, वहीं पूरे शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर ग्रिड बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
शहर का बड़ा हिस्सा ब्लैकआउट में है, कम्युनिकेशन नेटवर्क ठप, सड़कें सूनी और दुकानें पूरी तरह बंद नजर आ रही हैं।
लोकतंत्र के नाम पर मिसाइलें और शांति के नाम पर अंधेरा — यही है आधुनिक युद्ध का नया चेहरा।
Ground Report: ‘चारों तरफ डर है’ – भारतीय समुदाय की आपबीती
इंडिया टुडे से बात करते हुए काराकास में रहने वाले भारतीय नागरिक सुनील मल्होत्रा ने हालात की भयावह तस्वीर बयां की।
उनके मुताबिक— खाने-पीने के सामान के लिए सुपरमार्केट के बाहर 500–600 लोगों की लाइन। ब्रेड और दवाइयों की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़। लोग घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं।
“शहर में डर का माहौल है। कोई नहीं जानता हालात कब सामान्य होंगे,” – सुनील मल्होत्रा
एयरपोर्ट और एयरबेस बने निशाना
अमेरिकी सेना ने काराकास एयरपोर्ट, राजधानी से करीब 100 किलोमीटर दूर वेनेजुएला का सबसे बड़ा एयर बेस को निशाना बनाया। इन हमलों के चलते सिविल एविएशन पूरी तरह ठप है और बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग कट चुका है।

बिजली नहीं, नेटवर्क नहीं… मोबाइल चार्ज करना भी जंग
ब्लैकआउट की वजह से हालात इतने खराब हैं कि— लोग मीलों दूर जाकर मोबाइल चार्ज कर रहे हैं। चार्जिंग में 6–7 घंटे का इंतजार। चार्जिंग पॉइंट्स पर भारी भीड़। स्थानीय प्रशासन के पास भी यह जवाब नहीं है कि बिजली कब बहाल होगी।
घरों में कैद लोग, 2014–2017 की यादें ताजा
मल्होत्रा के अनुसार, लोग 2014 और 2017 के खूनी विरोध प्रदर्शनों को याद कर घरों में कैद हो गए हैं।
उस दौर में— सैकड़ों लोग मारे गए। बच्चों तक को जेल में डाल दिया गया। इस डर ने लोगों को सड़कों से पूरी तरह गायब कर दिया है।
भारतीय दूतावास अलर्ट मोड में
काराकास में भारतीयों की संख्या भले कम हो, लेकिन भारतीय दूतावास पूरी तरह अलर्ट पर है। भारतीयों के लिए WhatsApp ग्रुप बनाया गया। लगातार सुरक्षा निर्देश साझा किए जा रहे हैं।
वेनेजुएला का आरोप: ‘तेल ही असली वजह’
वेनेजुएला सरकार ने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और तेल पर कब्जे की साजिश बताया है। वहीं अमेरिका का दावा है कि मादुरो पर नार्को-टेररिज्म के गंभीर आरोप हैं।
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